रहस्योद्घाटनात्मक विभिन्न विशेषताएं -
• कीरो आदि के पाश्चात्य अंकशास्त्र का खण्डन।
• वास्तविक अंकशास्त्र की स्थापना।
• ग्रहों का वास्तविक स्थान कैसे जानें।
• क्या आयुष्कारक ग्रह अष्टमेश है।
• क्या विवाह के लिए जन्मलग्न मिलाने की आवश्यकता नहीं है।
इस पुस्तक में न केवल कीरो आदि के पाश्चात्य अंकशास्त्र का खण्डन प्रस्तुत किया गया है, अपितु वास्तविक रूप से अंकों के प्रभाव को भारतीय ज्योतिष पद्धति से उजागर किया गया है। साथ ही फलित ज्योतिष से संबंधित विभिन्न अज्ञानताओं का निवारण तथा यथार्थ ज्ञान प्रस्तुत किया गया है। निःसंदेह यह पुस्तकीय प्रस्तुतिकरण आने वाले समय में न केवल भारत अपितु संपूर्ण विश्व में यथार्थ अंक विज्ञान एवं शुद्घ और वास्तविक फलित ज्योतिष की स्थापना व मान्यता में नींव का पत्थर सिद्ध होगा।
^ Top