प्राचीनकाल से ही ऋषि-मुनियों, वैद्यों और आचार्यों ने चमत्कारी जड़ी-बूटियों को अपनाया है। इसका कारण यह विश्वास है कि इनसे व्यक्ति का कायाकल्प हो सकता है। नष्ट हुआ स्वास्थ्य और यौवन फिर से लौट सकता है। निरोग रहकर आयु को बढ़ाया जा सकता है। ये जड़ी-बूटियां सदा-सर्वदा हानि रहित होती हैं। जड़ी-बूटियां स्वास्थ्यवर्द्धक ही नहीं, जीवनरक्षक भी होती हैं. इस पुस्तक में ऐसी ही सर्वसुलभ १०१ जड़ी-बूटियों द्वारा निर्मित रामबाण नुस्ख़े दिए गए हैं, जो रोगों को जड़मूल से उखाड़ कर आपको स्वास्थ्य का सर्वोत्तम वरदान देते हैं।
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