Hinduaon Ke Reeti-riwaj Tatha Manyatayen
हिन्दुओं के रीति रिवाज तथा मान्यताएं


Hinduaon Ke Reeti-riwaj Tatha Manyatayenहिन्दुओं के रीति रिवाज तथा मान्यताएं

Author: Dr. Prakash Chandra Gangrade डॉ. प्रकाशचंद्र गंगराड़े
Format: Paperback
Language: Hindi
ISBN: 9788122308365
Code: 4125B
Pages: 222
Price: Rs. 160.00

Publisher: HINDOOLOGY BOOKS
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घर परिवार और समाज में ढेरों रीति-रिवाज तथा मान्यताएं होती हैं। ये परम्परागत और सनातन हैं। प्रत्येक व्यक्ति जीवन भर इनके सहारे अपनी नैया चलाता है। इसके प्रति उसकी आस्था अटूट है। इनके बिना उसका वजूद अधूरा है और संपूर्णता संदिग्ध। ये जीवन पर्यन्त व्यक्ति के साथ-साथ चलती हैं। उसके जन्म से लेकर मृत्यु और उसके बाद भी ये गतिशील रहती हैं और सभी को नियम, संयम, आस्था और विश्वास के साथ जीना सिखाती हैं और काल्पनिक भय को दूर भगाती हैं। हिन्दू धर्म में रीति-रिवाज तथा मान्यताएं बहुतायत में मौजूद हैं। सर्वाधिक लोकप्रिय मान्यताओं का विवरण इस पुस्तक में दिया गया है। कुछ प्रश्नों की बानगी देखिएः-
नामकरण, मुंडन, कर्णछेदन, यज्ञोपवीत आदि संस्कार क्यों? गुरू दक्षिणा का संकल्प क्यों?
जनेऊ कान पर लपेटने का महत्व क्या है? पत्नी को वाम पक्ष में बैठाने की परम्परा क्यों? भगवान को प्रसाद चढ़ाने की प्रथा क्यों?

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