125 Shikshaprad Kahaniyan

125 Shikshaprad Kahaniyan

125 शिक्षाप्रद कहानियां

शिक्षाप्रद कहानियां सिपर्फ कहानियां ही नहीं बल्कि भारत सहित विश्व के उन तमाम हस्तियों के जीवन की अनमोल गाथाओं का संग्रह है जिनसे प्रेरणा लेकर आज के मनुष्य अपने जीवन की मुश्किलों से पार पा सकते हैं। प्रत्येक मनुष्य के सांसारिक जीवन में पता नहीं कितनी बार ऐसी समस्याएं सामने आती हैं जब ऐसा अनुभव होता है कि अमुक समस्या का कोई समाधन नहीं रहा और समाधन नहीं होने के कारण कार्य पक्के तौर पर बिगड़ जाएंगे। वास्तव में शिक्षाप्रद कहानियाँ उन्हीं समस्याओं की पफेहरिस्त को हल करने का तरीका बताती है। इस पुस्तक में लेखक ने अपनी अथक परिश्रम से सपफलता और असपफलता के बीच की नाजुक कड़ियों को उभारते हुए उनके सपफलतम निदान बताए हैं। आम पाठक 

के लिए यह पुस्तक एक रामबाण है। जिससे ज्ञान पाकर पाठक अपनी और अपने समाज 

की बुराइयों को दूर कर पाएंगे साथ ही एक अच्छे समाज व देश के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



विमल गुलाटी जी का जन्म हरियाणा प्रदेश के छोटे से शहर असन्ध् ;करनालद्ध में 15 जून सन् 1979 को एक पंजाबी परिवार में हुआ। असन्ध् से ही उन्होंने बारहवीं तक की पढ़ाई पूर्ण की। इसके बाद गुरुनानक खालसा काॅलेज, करनाल से बी.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की। तत्पश्चात् कुरुक्षेत्रा यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्रा से ठण्स्पइण्ैबण् व डण्स्पइण्ैब की परीक्षाएं उत्तीर्ण की। 2005 में भारत में शिक्षा क्षेत्रा में अग्रणी डी.ए.वी. संस्था में लायब्रेरियन के पद के लिए चुने गए तथा डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, असन्ध् में नियुक्त हुए व वर्तमान में यहीं पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपको बचपन से ही पुस्तकों से बहुत लगाव रहा है। अपने इसी पुस्तक प्रेम के कारण ही आपने लायब्रेरी साइंस विषय को चुना और लायब्रेरियन बने।


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  • Author: Vimal Gulati
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